जानिए आज़ाद के कुछ ऐसे किस्से जो शायद आप नहीं जानते होंगे

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चन्द्र शेखर आजाद की मृत्यु 27 फरवरी 1931, इलाहाबाद में हुई थी। आज चन्द्र शेखऱ आजाद की 86वीं पुण्यतिथि है। चन्द्र शेखर आजाद का असल नाम चन्द्र शेखर तिवारी था। मध्यप्रदेश के भावरा में जन्मे आजाद बचपन से ही बेहद गुस्सेल थे।

हमने बचपन से ही किताबो में चन्द्र शेखर आजाद जी के बारे में काफी कुछ पड़ा है। पर इन किताबो में आजाद जी के बारे में वो जानकारी नही दी गयी है जो हम आज आपके साथ सांझा करने वाले है।

आइये जानते है आजाद के बारे में कुछ रोचक तथ्य।

काशी विद्यापीठ गए

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चंद्र शेखर अजाद के माता-पिता उन्हें संस्कृत का विद्वान बनाना चाहते थे, इसलिए उन्हें संस्कृत पढ़ने के लिए बनारस के काशी संस्कृत विद्यापीठ भेजा गया।

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फक्कड़ जीवन था पसन्द

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आजाद की फक्कड़ जीवन पसंद था। वह अंग्रेज़ो से बचने के लिए भी साधू का रूप धारण करते थे। उन्होंने एक बार गाज़ीपुर में एक साधू के चेले के रूप में भी शरण ली थी। कहा जाता है कि वे ओरछा में सतार नदी के किनारे कुटिया बनाकर रहते थे।

ब्रम्हचारी थे आजाद

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चंद्र शेखर आजाद ब्रम्हचारी थे। एक बार सुखदेव ने एक स्त्री की फोटो अपने कमरे में लगाई तो आजाद ने वो फोटो फाड़ते हुए कहा कि मोहकता में फंसते हुए हमें अपना ध्यान नहीं भटकाना है।

धैर्यवान थे आजाद

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चंद्र शेखर धैर्यवान और चतुर व्यक्ति थे। वह हर स्तिथि का समाधान धैर्यपूर्वक निकलते थे। चंद्र शेखर के बारे में कहा जाता है कि, जब एक व्यवसायी के यहाँ समारोह में शामिल आजाद को मालूम चला कि वहां पुलिस आ गई है, तब बिना घबराये उन्होंने गमछा सिर पर डाला, मिठाई की टोकनी सिर पर रखी और वहां से निकल गए।

महिलाओं का करते थे सम्मान

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आजा महिलाओं बहुत आदर करते थे। एक बार जब आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल सहित अपने दोस्तों के साथ अमीरों को लूटने के उद्देश्य से एक घर में घुसे, तो उस घर की महिला ने आजाद की पिस्तौल छीन ली, इसके बावजूद आजाद ने महिला पर हाथ नहीं उठाया। तब बिस्मिल ने आजाद को वहां से बचाया था।

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